भारतीय रेलवे RRB NTPC Graduate Level के महत्वपूर्ण पद और उनके कार्य
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक है, और इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए कई विभागों और पदों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आइए जानते हैं कि स्टेशन मास्टर से लेकर ट्रैफिक असिस्टेंट तक हर पद की जिम्मेदारियां क्या हैं।
स्टेशन मास्टर
Station Master का कार्य रेलवे स्टेशन को संभालना होता है, अर्थात किस ट्रेन का आगमन करना है, किसका प्रस्थान करना है — सारी जिम्मेदारी इन्हीं के पास होती है। आप कई बार देखते होंगे कि रेलवे स्टेशन के केबिन में सफेद ड्रेस में बैठे हुए स्टेशन मास्टर मिलते हैं। स्टेशन से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी स्टेशन मास्टर के पास ही होती है।
गुड्स ट्रेन मैनेजर
Goods Train Manager का प्रमुख कार्य मालगाड़ियों को मैनेज करना होता है। आपने कई बार देखा होगा कि जब मालगाड़ी चलती है, तो उसके पीछे सफेद ड्रेस में झंडी के साथ यह खड़े रहते हैं। यदि किसी गाड़ी में कोई डिटेंशन या एब्नार्मेलिटी आती है, तो वे उसे अपने रिकॉर्ड में लिखते हैं और ऊपर रिपोर्ट भेजते हैं। गुड्स ट्रेन मैनेजर को पहले गुड्स गार्ड कहा जाता था। प्रमोशन के बाद ये पैसेंजर ट्रेन मैनेजर और फिर मेल पैसेंजर ट्रेन मैनेजर बन जाते हैं।
जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट
इनका प्रमुख कार्य दैनिक खातों का रखरखाव, बैलेंस शीट तैयार करना, वाउचर एंट्री करना और विभागीय लेनदेन का रिकॉर्ड रखना होता है। इसमें टाइपिंग आना अनिवार्य होता है। वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन और विभिन्न रिपोर्ट को टाइप व दर्ज करना इनका महत्वपूर्ण कार्य होता है।
सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट
सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट एक क्लर्क एवं प्रशासनिक पद है। रोजमर्रा के ऑफिस कार्य जैसे डेटा एंट्री, रिकॉर्ड मेंटेनेंस, और फाइल मैनेजमेंट करना इनका प्रमुख कार्य होता है। इनको भी टाइपिंग आना अनिवार्य है — अंग्रेजी में 35 WPM या हिंदी में 30 WPM आवश्यक है।
कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर
इस पद का प्रमुख कार्य सभी बुकिंग क्लर्क और टिकट काउंटर के कार्यों की निगरानी करना है, ताकि टिकट जारी करने व लेन-देन में कोई कमी न रहे। माल और पार्सल की बुकिंग, लोडिंग और अनलोडिंग प्रक्रिया भी इन्हीं की देखरेख में होती है।
ट्रैफिक असिस्टेंट
ट्रैफिक असिस्टेंट का प्रमुख कार्य ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का समय प्रबंधन, सिग्नल व यार्ड का प्रबंधन रखना है। स्टेशन मास्टर की सहायता करना भी इनके कार्यों में शामिल है। किसी आपात स्थिति, दुर्घटना या तकनीकी खराबी में रिपोर्ट तैयार करना और उचित कदम उठाना इनकी जिम्मेदारी है।